प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ अभियान, रूप बंसल के 60वें जन्मदिन पर ‘सेवा दिवस’ के साथ हुआ संपन्न
स्वास्थ्य, पोषण, बुज़ुर्गों की देखभाल और नशामुक्ति का संदेश; देशभर की सहयोगी संस्थाओं ने उत्सव में की सहभागिता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य जाँच से लेकर रक्तदान तक, बुज़ुर्गों के साथ आत्मीय संवाद से लेकर बच्चों के सहयोग तक और सामुदायिक भोजन से लेकर नशामुक्त समाज के संकल्प तक—एम3एम फाउंडेशन (M3M Foundation) के एक महीने के सेवा अभियान ने एक लाख से अधिक लोगों तक पहुँच बनाते हुए सेवा और सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया। अभियान का समापन 16 अक्टूबर को फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री रूप बंसल के 60वें जन्मदिन पर ‘सेवा दिवस’ के रूप में हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर को शुरू हुए इस अभियान में स्वास्थ्य, पोषण, सम्मान और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। समापन उत्सव में देशभर से एम3एम फाउंडेशन की सहयोगी संस्थाओं और साझेदारों ने भाग लिया। उनकी सहभागिता ने इस अवसर को समाज के प्रति साझा ज़िम्मेदारी और सामूहिक प्रयास के उत्सव का रूप दिया।
स्वास्थ्य और सुरक्षा की सेवाएँ श्रमिकों तक
अभियान के दौरान निर्माण श्रमिकों, सुरक्षाकर्मियों, सफ़ाई कर्मचारियों, वाहन चालकों, बागवानी कर्मचारियों और अन्य सहयोगी कर्मियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य, नेत्र एवं दंत जाँच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकतानुसार बुनियादी दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

रक्तदान शिविरों के माध्यम से कर्मचारियों और सहयोगियों ने जीवन रक्षा के प्रयासों में योगदान दिया। प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण और टिटनेस टीकाकरण जैसी गतिविधियों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं रोकथाम के महत्व को रेखांकित किया। स्वास्थ्य और स्वच्छता की उपयोगी सामग्री वाली ‘सेहत की पोटली’ तथा टीबी से उपचाररत लोगों के लिए पोषण सहायता के रूप में राशन किट भी वितरित की गईं।
नशामुक्ति आंदोलन: स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज की ओर
अभियान में नशामुक्ति आंदोलन को भी शामिल किया गया। इसके माध्यम से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और परिवार एवं समुदाय की भलाई के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस पहल ने स्वास्थ्य के साथ नशे के पारिवारिक और सामाजिक प्रभावों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से युवाओं और श्रमिक समुदायों के बीच सकारात्मक जीवनशैली, आपसी सहयोग और नशामुक्त वातावरण के महत्व को सामने रखा गया।
बुज़ुर्गों के साथ समय, सम्मान और अपनापन
‘एक दिन अपनों के नाम’ की भावना के साथ वरिष्ठ नागरिकों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुज़ुर्गों के साथ भोजन एवं आत्मीय संवाद आयोजित किए गए। स्वयंसेवकों ने उनकी बातें सुनीं, अनुभव साझा किए और आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी सामग्री प्रदान की।
इन गतिविधियों में बुज़ुर्गों की देखभाल के साथ उनके अकेलेपन को समझने और मानवीय जुड़ाव बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। बच्चों और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के साथ सहभागिता एवं सहयोग भी सेवा दिवस का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

साझा भोजन और हर व्यक्ति की गरिमा
विभिन्न एम3एम स्थलों पर भंडारों और भोजन वितरण के माध्यम से श्रमिकों, सहयोगी कर्मचारियों तथा आसपास के समुदायों के साथ खुशियाँ साझा की गईं। सामुदायिक भोजन स्थलों तक नहीं पहुँच सकने वाले लोगों तक भोजन पैकेट पहुँचाने का प्रयास भी किया गया।
फुटपाथ पर रहने वाले परिवारों और अन्य ज़रूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र, कम्बल तथा दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक गतिविधि में सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्ति के सम्मान और गरिमा को केंद्र में रखा गया।
देशभर के साझेदार बने सेवा के उत्सव का हिस्सा
देश के विभिन्न हिस्सों से आए सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और साझेदारों की उपस्थिति इस उत्सव का विशेष आकर्षण रही। अलग-अलग समुदायों के साथ काम करने वाली संस्थाओं ने एक मंच पर आकर सेवा, सहभागिता और सामाजिक ज़िम्मेदारी की साझा भावना को अभिव्यक्त किया।
उनकी भागीदारी ने एम3एम फाउंडेशन और उसके साझेदारों के बीच उस संबंध को भी रेखांकित किया, जिसके आधार पर स्थानीय आवश्यकताओं को समझते हुए लोगों तक सहयोग पहुँचाया जाता है। यह अवसर सामूहिक प्रयासों को सम्मान देने और आगे भी मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को मज़बूत करने का माध्यम बना।
श्री रूप बंसल के जीवन मूल्यों से प्रेरित आयोजन
श्री रूप बंसल की सहज मुस्कान, बच्चों के प्रति स्नेह, बुज़ुर्गों के प्रति आदर और परिवार के प्रति गहरे लगाव से प्रेरित सेवा दिवस में परिवार के अपनेपन का विस्तार समाज तक किया गया। उनके 60वें जन्मदिन पर श्रमिकों, सहयोगी कर्मचारियों, बच्चों, बुज़ुर्गों और समुदायों के साथ खुशियाँ साझा करना आयोजन की मूल भावना रही।
एक लाख से अधिक लोगों तक पहुँचे इस महीनेभर के अभियान ने दिखाया कि सेवा के अनेक रूप हैं, समय पर स्वास्थ्य जाँच, पौष्टिक भोजन, नशामुक्ति की जागरूकता, किसी बुज़ुर्ग का हाल पूछना और किसी बच्चे की ज़रूरत को समझना। इन प्रयासों को एक साथ जोड़कर एम3एम फाउंडेशन ने जन्मदिन के उत्सव को व्यापक जनसहभागिता का अवसर बनाया।
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