राजस्थान के उदयपुर जिले से मात्र 40 किलोमीटर दूर स्थित है जावर ग्रामीण क्षेत्र। यहाँ संचालित हिन्दुस्तान जिंक Hindustan Zinc...
Read moreDetailsभारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने साढ़े पांच दशकों में विश्वस्तरीय धातु उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता और उत्कृष्ट प्रबंधन के क्षेत्र...
Read moreDetailsहिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपने कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) CSR - Corporate Social Responsibility संचालित समाधान परियोजना के तहत बायफ के...
Read moreDetailsहिन्दुस्तान जिंक अपने संयंत्र के आसपास सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्य प्रभावी रूप से करता रहा है। इसी क्रम में जावर...
Read moreDetailsबालकोनगर।‘‘ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान वेदांता समूह के प्रचालन का मुख्य ध्येय है। सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों पर...
Read moreDetailsवैसे तो परिवर्तन संसार का सबसे बडा नियम है। सुबह होती है, शाम होती है, रात्रि आती है, पुनः सवेरा...
Read moreDetailsवेदांता की प्रमुख परियोजना “नंद घर” ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के गांवों में व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से होम-स्कूलिंग के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल की शुरूआत की है। ई-लर्निंग मॉड्यूल में छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कहानियां, खेल, कविताएं, घर पर की जाने वाली गतिविदेश के तीन राज्यों के नंदघरों में वेदांता का डिजिटल ई-लर्निंग मॉड्यूल प्रारंभ वेदांता की प्रमुख परियोजना “नंद घर” ने...
Read moreDetails7 गावों के किसानों ने जरूरतमंदो को बाटें साढें सात कि्ंवटल गेहू हिन्दुस्तान जिंक द्वारा बायफ संस्थान के सहयोग से संचालित समाधान परीयोजना के तहत क्षेत्र के जुड़े किसानों ने निर्धन एवं गरीब परीवारों तक गेंहू पहुंचा कर मदद की गई है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरे में केन्द्र व राज्य सरकारों सहित भामाशाहों द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों में समाधान परियोजना से जुडें किसान भी पीछे नही हैं। जावर माइंस संकुल के किसानो ने इसमें अपनी महती भूमिका निभाते हुए गत दिनों आपस में चर्चा की और अपनी मेहनत से कमाए गए अनाज में से कुछ हिस्सा निर्धन एवं गरीब परिवारों तक पहुंचाने का निर्णय लिया। संकुल क्षेत्र के 7 गांवों के काश्तकारों ने 760 किलो ग्राम गेहूं एकत्रित किया। किसानों ने गेहूं समाधान परीयोजना के माध्यम से निर्धन एवं गरीब परीवारों तक पहुंचाने का आहृन किया। इस पहल से 76 निर्धन एवं गरीब परीवारों तक गेहूं पहुचाया गया। किसानों की इस तरह की अनूठी पहल को देखकर क्षैत्र के अन्य किसानों में भी जागरूकता आई है। इस कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड, जावर माइन्स के सीएस आर हेड आनन्द चक्रवर्ती, अधिकारी शुभम गुप्ता, नेरूति साधंवी ,फील्ड कोर्डिनेटर मोहन मीणा, बद्री मीणा, प्रेम मीणा, एवं बायफ समाधान परीयोजना टीम से संकुल प्रभारी महिपाल सिंह, राजकुमार मीणा, कपिल मोर्दिया आदि उपस्थित थे।
Read moreDetailsपर्यावरण के लिए जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका धातु एवं खनन में प्रमुख और वृहद कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को पानी की खपत में 2.41 गुना वाटर पॉजिटिव होना देश की कुछ वाटर पॉजिटिव कंपनी में से एक बनाता है। जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सतत् विकास के लिए एक नॉन-नेगोशिएबल पहलू है। जल संरक्षण केवल समय की आवश्यकता के रूप में नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतर्निहित है। प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद केवल 4 प्रतिशत पानी का औसत मनुष्य के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस प्रकार, पानी हमेशा संरक्षित होने के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। प्रमुख खनन उद्योग में से एक वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक को थर्ड पार्टी आर्गेनाइजेशन द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर वाटर पॉजिटिव कंपनी घोषित किया गया है। 2.41 के अनुपात के साथ, हिंदुस्तान जिंक शीर्ष जल संरक्षण कंपनियों में प्रमाणित हुई है। हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि “हमारे पास जल प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण है जिसका उद्देश्य हमारे प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना है, पानी के महत्व को पहचानना और स्थायी जल प्रबंधन में योगदान करना है। यह उपलब्धि उन प्रयासों का प्रमाण है जो हमारी टीम ने वर्षों से जारी रखें हैं हम इस स्कोर में लगातार सुधार करते हुए इसे जारी रखेंगे। राजस्थान जैसे जल की कमी वालें राज्य में कार्य करना, पानी के महत्व को खासतौर पर दर्शाता है। राजस्थान में प्रमुख आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनी होने के नाते हिंदुस्तान जिंक द्वारा जल स्रोत पर पानी की कमी, रिसाइक्लिंग, पानी के वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से पानी की पूर्ति के लिए जोर दिया गया है। हिंदुस्तान जिंक ने पानी के स्थायित्व के लिए लगातार प्रयास किए हैं। कंपनी के पास स्टेट एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स और रिसाइकलिंग सुविधाएं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल दक्षता में वृद्धि और वर्षा जल संचयन संरचनाएँ हैं जिसने जल-प्रबन्ध अभियान एवं प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा हिन्दुस्तान जिंक...
Read moreDetailsआदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, आपके नेतृत्व में हमारा देश जिस तरह से कोरोना वायरस को रोकने और पीड़ित लोगों के इलाज...
Read moreDetailsESG progress, renewable energy, circular packaging, water positivity and Net Zero 2040.
Read moreDetailsIndia CSR® is the largest tech-led platform for information on CSR and sustainability in India offering diverse content across multisectoral issues. It covers Sustainable Development, Corporate Social Responsibility (CSR), Sustainability, and related issues in India. Founded in 2009, the organisation aspires to become a globally admired media that offers valuable information to its readers through responsible reporting. To enjoy the premium services, we invite you to partner with us.
Copyright © 2026 - India CSR® | All Rights Reserved
Copyright © 2026 - India CSR® | All Rights Reserved