नई दिल्ली। प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के डॉक्टरों ने समय पर सर्जरी, अत्याधुनिक आईसीयू की सुविधा और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल से 74 वर्षीय मरीज की जान बचाई। यह पेट की बहुत गंभीर इमरजेंसी और जानलेवा मामला था, जिसका सफलतापूर्वक उपचार किया गया।
मरीज श्री रामशरण लाल को दिल की बीमारी, डायबिटीज और हाइपोथायरायडिज्म था। उन्हें 15 मई, 2026 को बहुत गंभीर हालत में आयुष्मान पैनल के अंतर्गत प्रयाग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पेट में तेज दर्द और सूजन, बार-बार उल्टी तथा बुखार की शिकायत थी और वे शॉक की स्थिति में थे। ये सभी लक्षण सिस्टमिक इन्फेक्शन से जुड़ी पेट की गंभीर इमरजेंसी की ओर इशारा कर रहे थे।
मरीज को तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती किया गया। एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने तत्काल मरीज का रिससिटेशन और स्टेबिलाइजेशन शुरू किया। उम्र अधिक होने और कई अन्य बीमारियां होने की वजह से मरीज को बहुत अधिक जोखिम की श्रेणी में रखा गया। डॉक्टरों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उनके दिल की स्थिति को स्थिर किया, डायबिटीज को नियंत्रित किया और सर्जरी से पहले उनकी हालत सुधारने के लिए रक्त चढ़ाया।
मरीज की जान बचाने के लिए 16 मई, 2026 को डॉ. वी. एस. सोलंकी ने इमरजेंसी सर्जरी की। इस दौरान डॉक्टरों को छोटी आंत में गैंग्रीन होने का पता चला, जिसमें रक्त का प्रवाह कम हो गया था और वह हिस्सा काम नहीं कर रहा था। जख्मी हिस्से को सफलतापूर्वक काटकर हटाया गया। इसके बाद स्वस्थ आंत के हिस्सों को फिर से जोड़ा गया। पेट की कैविटी से भारी मात्रा में पस और संक्रमित तरल निकाला गया। साथ ही हर्नियल डिफेक्ट का भी उपचार किया गया।
जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद मरीज ने इलाज का सकारात्मक प्रतिसाद दिया और सर्जरी के बाद आईसीयू एवं वार्ड में उसकी पूरी देखभाल की गई। चिकित्सकीय रूप से वह रिकवर करने लगा और उसकी स्थिति स्थिर एवं संतोषजनक होने पर 19 मई, 2026 को डिस्चार्ज कर दिया गया।
समय पर इलाज, विशेषज्ञ सर्जन और समर्पित टीम की देखभाल से श्री रामशरण लाल को नया जीवन मिला। इस पर भावुक मरीज और उनके बेटे श्री राजन श्रीवास्तव ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और हॉस्पिटल मैनेजमेंट का आभार व्यक्त किया।
डॉ. वी. एस. सोलंकी, सीनियर सर्जन, प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने बताया, “मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। उसे कई बीमारियां थीं। वह पेट के गंभीर संक्रमण के साथ शॉक की स्थिति में अस्पताल आया था। हमने समय पर सर्जरी, क्रिटिकल केयर और टीमवर्क के जरिए बड़ी सफलता हासिल की। प्रयाग हॉस्पिटल अधिक जोखिम वाले इमरजेंसी मामलों में भी तत्परता से काम करने और बेहतरीन देखभाल प्रदान करने में सक्षम है।”
प्रयाग हॉस्पिटल का परिचय
प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने बतौर प्रयाग ऑर्थोपेडिक सेंटर वर्ष 1995 में कार्यारंभ किया। डॉ. बी. पी. सिंह ने नोएडा सेक्टर-29 में एक विशेष क्लिनिक के रूप में इसकी शुरुआत की थी। अस्पताल का सिद्धांत है – “सेवा परमो धर्मः”, अर्थात सेवा सबसे बड़ा धर्म है। यह सहानुभूति, नैतिकता और मरीजों को प्राथमिकता देने के मूल्यों पर कार्य करता है।
आज प्रयाग हॉस्पिटल 120 बेड का एक विशाल अस्पताल है। यह एनएबीएच और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है। अस्पताल में अत्याधुनिक उपचार की सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और अनुभवी डॉक्टर, नर्स तथा अन्य प्रोफेशनल समर्पण भाव से कार्य करते हैं। यहां जनरल मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, इमरजेंसी केयर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा विशेष उपचार सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं।
प्रयाग हॉस्पिटल ने वर्षों के दौरान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, नैतिक चिकित्सा, उपचार की सुलभता और मरीजों के प्रति समर्पित सेवा के माध्यम से लोगों का विश्वास जीता है। यह कई सरकारी हेल्थकेयर योजनाओं का हिस्सा है और पात्र परिवारों को सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अनेक टीपीए पैनलों से मान्यता प्राप्त है।
