संकल्प के तहत इस मानसून गुरुग्राम की 11 ग्राम पंचायतों और तावड़ू ब्लॉक में 1 लाख+ पेड़ लगाने का लक्ष्य, हरित आवरण बढ़ाने और पेड़ों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए समुदायों को साथ लाया जाएगा।
गुरुग्राम। मानसून के दौरान पौधरोपण और पारिस्थितिक पुनरुद्धार के लिए अनुकूल समय को ध्यान में रखते हुए, एम3एम फाउंडेशन अपने प्रमुख पर्यावरण कार्यक्रम संकल्प के तहत गुरुग्राम में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को गति देने जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत आज से बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत गुरुग्राम के चिन्हित क्षेत्रों में 11 ग्राम पंचायतों और तावड़ू ब्लॉक को स्थानीय समुदायों के साथ जोड़ते हुए 1 लाख+ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अरावली क्षेत्र के आसपास के स्थान भी शामिल हैं।
इस पहल की शुरुआत घाटा, कादरपुर, उल्लावास, रामगढ़, बह्रामपुर और बेलीआवास से की जाएगी, जहाँ स्थानीय समुदायों को अधिक हरित और टिकाऊ गांवों के साझा दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाएगा। घाटा से गोवर्धन, उल्लावास से सतबीर, कादरपुर से संजीत और बह्रामपुर से गिरिराज इस पहल को अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं और पौधरोपण में भागीदारी के लिए स्थानीय निवासियों को संगठित करने तथा पेड़ों की सामूहिक जिम्मेदारी लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी भागीदारी इस विश्वास को दर्शाती है कि स्थायी पर्यावरणीय बदलाव तभी सबसे प्रभावी होता है, जब उसका नेतृत्व और संरक्षण समुदाय के स्तर पर किया जाए।
यह पहल मानसून के मौसम का अधिकतम लाभ उठाने के साथ-साथ पौधरोपण को निरंतर पर्यावरणीय कार्रवाई में बदलने के उद्देश्य से तैयार की गई है। समुदायों और ग्राम पंचायतों को केवल पौधरोपण में भाग लेने के लिए ही नहीं, बल्कि इसके बाद पेड़ों की देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी लेने के लिए भी प्रेरित एवं संगठित किया जाएगा, जिससे उनके दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए एक मजबूत आधार तैयार हो सकेगा।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जिम्मेदारी से जोड़ने के एम3एम फाउंडेशन के अनुभव पर आधारित है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर, संकल्प ने हरियाणा के नूंह जिले के तावड़ू ब्लॉक के गांवों में ‘एक पेड़ घर के बच्चे या बच्ची के नाम’ पहल शुरू की। इस पहल के तहत परिवारों को अपने प्रत्येक बेटे या बेटी के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे परिवार और पेड़ के बीच एक भावनात्मक संबंध विकसित हो और परिवार उसके बढ़ने के साथ-साथ उसकी देखभाल के लिए प्रेरित हो।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, नया पौधरोपण अभियान 11 ग्राम पंचायतों और समुदायों को एक व्यापक संरक्षण प्रयास के लिए एक साथ लाएगा। इसका उद्देश्य पौधरोपण के दिन से आगे जिम्मेदारी को बढ़ाना और अभियान के माध्यम से तैयार किए गए हरित आवरण को बनाए रखने में स्थानीय भागीदारी को केंद्र में रखना है।
डॉ. पायल कनोडिया, चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी, एम3एम फाउंडेशन, ने कहा, “मानसून हमें हजारों पौधे लगाने का अवसर देता है, लेकिन वास्तविक जिम्मेदारी उनके लगाए जाने के बाद शुरू होती है। एक पेड़ को केवल मिट्टी और बारिश की नहीं, बल्कि ऐसे लोगों की आवश्यकता होती है जो उसकी देखभाल करने के लिए तैयार हों। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ ने हमें यह दिखाया है कि पर्यावरणीय कार्रवाई को भावनाओं से जोड़ने की कितनी शक्ति है और संकल्प के माध्यम से हम इसी जुड़ाव को सामुदायिक संरक्षण में बदल रहे हैं। गुरुग्राम की 11 ग्राम पंचायतों में 1 लाख+ पेड़ लगाए जाने के साथ, हमारी कोशिश है कि हर पौधे की अपनी एक कहानी हो, उसके पीछे एक समुदाय हो
और उसे एक स्थायी हरित विरासत बनने का अवसर मिले। हमारा उद्देश्य केवल अधिक पेड़ लगाना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को अपने आसपास के पर्यावरण की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करना है।”
यह पहल संकल्प के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय प्रभाव को और आगे बढ़ाती है। संकल्प के तहत अब तक छह राज्यों में 6.7 लाख से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं, जिनमें 54 ग्राम पंचायतों में 1.70 लाख से अधिक पेड़ शामिल हैं। कार्यक्रम के तहत मियावाकी वन, बागवानी आधारित कृषि-वनीकरण, क्षरित भू-दृश्यों का पुनरुद्धार, जैव विविधता संवर्धन और भूजल पुनर्भरण जैसे प्रयास भी किए गए हैं, जो पारिस्थितिक पुनरुद्धार के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
यह नवीनतम अभियान गुरुग्राम में हरित आवरण को मजबूत करने के साथ-साथ अरावली क्षेत्र के आसपास के पारिस्थितिक परिदृश्य को भी समर्थन प्रदान करेगा। समुदायों को सीधे इस पहल से जोड़कर, इसका उद्देश्य दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देना तथा मिशन LiFE के सिद्धांतों और विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।
मानसून के पौधरोपण मौसम के साथ, 1 लाख+ पेड़ों के लक्ष्य और 11 ग्राम पंचायतों की भागीदारी के माध्यम से एम3एम फाउंडेशन का उद्देश्य इस मौसमी अवसर को एक दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रतिबद्धता में बदलना है—ऐसे हरित क्षेत्र तैयार करना जो आज विकसित हों और जिन्हें समुदाय आने वाले कल में भी निरंतर संजोए और पोषित करता रहे।
संकल्प के माध्यम से एम3एम फाउंडेशन का विश्वास है कि सबसे मजबूत हरित विरासत वही होती है, जिसे समुदाय मिलकर लगाए, संरक्षित करे और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए।
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