उदयपुर। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक और वैश्विक नवाचार प्लेटफॉर्म वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स ने ‘जिनोवेशन 2026’ का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माइनिंग, स्मेेल्टिंग और मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से 2,000 करोड़ का अतिरिक्त मूल्य पैदा करना है।
इस कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तान जिंक ने माइक्रोसाॅफ्ट, गूगल, सीमेंस, एबीबी, सेंडविक और एक्ससीएमजी जैसे दुनिया के बड़े तकनीकी दिग्गजों के साथ चर्चा की। साथ ही, कई उभरते हुए स्टार्टअप्स के साथ भी एमओयू किए गए। ये स्टार्टअप्स रोबोटिक्स, एसेट मैनेजमेंट और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे ताकि कारखानों और खानों में काम को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जा सके।
पहचाने गए मूल्य पूल से यह उम्मीद की जाती है कि यह हिन्दुस्तान जिंक की की माइंस, स्मेल्टर्स और संबद्ध कार्यों में उत्पादकता में सुधार, लागत अनुकूलन, एसेट की विश्वसनीयता, ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा वृद्धि, बेहतर रिकवरी और तेजी से निर्णय लेने के माध्यम से प्राप्त होगा। वी-स्पार्क इन अगली पीढ़ी के उपयोग के मामलों को व्यापक विनिर्माण उद्योग तक पहुंचाएगा, जो एआई आधारित सुधारों के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत की जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का 17 प्रतिशत योगदान है, लेकिन डिजिटल तकनीक अपनाने के मामले में यह अन्य क्षेत्रों से पीछे रहा है। जिनोवेशन 2026 के जरिए वी-स्पार्क और हिंदुस्तान जिंक इस दूरी को कम कर रहे हैंर्। जिनोवेशन 2026 को हिंदुस्तान जिंक के टेक्नोलॉजी एजेंडा को प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट से आगे बढ़ाकर बड़े पैमाने पर औद्योगिक स्तर पर लागू करने के लिए डिजाइन किया गया। वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स द्वारा संचालित इस प्लेटफॉर्म ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स, ओईएम और स्टार्टअप्स को एक साथ लाया, ताकि हिंदुस्तान जिंक की ऑपरेशनल चुनौतियों का समाधान लागू करने लायक सॉल्यूशंस के साथ किया जा सके। इस फोरम ने कंपनी के वेंचर-क्लाइंट दृष्टिकोण को मजबूत किया, जिसके तहत टेक्नोलॉजी का तेजी से पायलट, सत्यापन और विस्तार किया जाता है, जिससे व्यापार पर मापने योग्य प्रभाव पड़ता है।
इस कार्यक्रम में एक्ससीएमजी और सैंडविक, एसटीएल डिजिटल और एवेवा के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वी-स्पार्क ने बीटा टैंक्स रोबोटिक्स, सिम्बोटिकवेयर एआई, कर्नली, अनचार्टेड टेक्नोलॉजीज, इनफिनिट अपटाइम, इंटेलिसेंस डॉट आईओ और फ्लुटुरा सहित उभरते स्टार्टअप्स के साथ भी आशाजनक समाधानों को विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन और पायलट परियोजनाओं के लिए तैयार करने हेतु एमओयू किए। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र के लिए व्यवहार्यता मूल्यांकन, डेटा एकीकरण, परिनियोजन मॉडल और विस्तार क्षमता का आंकलन करना होगा।
हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि, “विनिर्माण का भविष्य बुद्धिमत्ता के साथ विस्तार करने की हमारी क्षमता से निर्धारित होगा। हिंदुस्तान जिंक में, हम प्रौद्योगिकी को सीधे अपने संचालन के मूल में समाहित कर रहे हैं ताकि यह साबित कर सकें कि एक ऐसा उद्योग जो परंपरागत रूप से दृढ़ता से परिभाषित होता आया है, उसे डेटा द्वारा संचालित किया जा सकता है। जिनोवेशन वैश्विक क्षमता, उद्यमशीलता नवाचार और एक ऐसे पैमाने को एक साथ लाता है जो जमीनी स्तर पर वास्तविक प्रभाव डाल सकता है। जैसे-जैसे हम अपने हिन्दुस्तान जिं़क 2.0 विजन को आगे बढ़ा रहे हैं, हम एक 21वीं सदी के धातु उद्यम का निर्माण कर रहे हैं जो यह सुनिश्चित करता है कि हमारे लोग सुरक्षित रूप से काम करें, हमारा पर्यावरणीय प्रभाव कम रहे और हमारी प्रौद्योगिकी वैश्विक स्तर पर एक मानक स्थापित करे।”
चर्चा में एआई के उच्च-प्रभावशाली औद्योगिक अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें भविष्यसूचक रखरखाव, डिजिटल ट्विन, कनेक्टेड ऑपरेशन, स्वायत्त प्रणाली, कंप्यूटर विजन, औद्योगिक डेटा प्लेटफॉर्म, रोबोटिक अनुप्रयोग, बुद्धिमान प्रक्रिया नियंत्रण और वास्तविक समय निर्णय बुद्धिमत्ता शामिल हैं।
वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स के चेयरमैन और वेदांता ग्रुप के प्रेसिडेंट आकर्ष हेब्बर ने कहा कि, “औद्योगिक नेतृत्व का अगला युग एआई और सहयोगात्मक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा संचालित होगा। वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स के माध्यम से, हम एक ऐसा मंच बना रहे हैं जो स्टार्टअप्स, प्रौद्योगिकी नेताओं और कार्यरत व्यवसायों को जोड़कर बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण औद्योगिक चुनौतियों का समाधान करता है। जिनोवेशन पायलट प्रोजेक्ट से प्रदर्शन तक नवाचार को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, यह साबित करते हुए कि डीप टेक एआई उद्यमों के लिए 3 से 4 गुना रिटर्न अत्यंत प्राप्त करने योग्य वास्तविकता है। इसी तरह हम उद्योगों में वैश्विक स्तर पर मानकीकृत, भविष्य के लिए तैयार संचालन का निर्माण करते हैं।”
हिंदुस्तान जिंक ने अपनी डिजिटल खनन और गलाने की क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया, जिसमें विविध धातु पोर्टफोलियो, टेली-रिमोट संचालन, अत्याधुनिक वाइंडर सिम्युलेटर और अपने संचालन के आकर्षक वर्चुअल प्रदर्शन शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के दिग्गजों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा, वी-स्पार्क डीपटेक वेंचर्स के सीईओ अमितेश सिन्हा, सीमेंस डिजिटल के हेड मेटल्स ,माइनिंग एवं सीमेंट शिबाशीष खान, प्रमुख – धातु, खनन एवं सीमेंट, सीमेंस डिजिटल इंडस्ट्रीज; हेड डिजिटल भारत कौस्तुभ कुलकर्णी, हेड, मैन्युफैक्चरिंग एंड कॉन्ग्लोमेरेट्स, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया प्रवीण पंचाग्नूला, एमडी, स्ट्रैटेजिक परसूट्स, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया अपराजिता पुरी, कस्टमर सीटीओ गूगल इंडिया मधु शेखर, इंडिया हेड, सैंडविक मनोजित हलदर मैनेजिंग डायरेक्टर एक्ससीएमजी तू हुई, इंडिया हेड सेल्स, एवीवा प्रवीण जाधव प्रमुख थे।
इंडिया हेड, सैंडविक मनोजित हलदर ने कहा कि मेटल और माइनिंग क्षेत्र एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गया है जहाँ डिजिटलीकरण, ऑटोमेशन और एआई उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को अगले स्तर पर ले जाएंगे। हिंदुस्तान जिंक का दृष्टिकोण इसलिए खास है क्योंकि वे तकनीक को अपनी परिचालन प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं के साथ जोड़ रहे हैं। जिनोवेशन जैसे मंचों के माध्यम से उद्योग के अग्रणी और तकनीकी भागीदार मिलकर ऐसे समाधान बना सकते हैं जो व्यावहारिक हों और जिन्हें भविष्य के इंटेलिजेंट इंडस्ट्रियल ऑपरेशन्स के अनुसार बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।
संस्थापक और एमडी, इनफिनिट अपटाइम रौनक भिंगे, ने कहा कि, औद्योगिक एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तब दिखता है जब उसे मशीनों और उपकरणों के करीब तैनात किया जाए और सीधे व्यापारिक परिणामों से जोड़ा जाए। हिंदुस्तान जिंक का फोकस मशीनों की विश्वसनीयता और रखरखाव पर है, जो काम रुकने के समय को कम करने और मशीनों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। जिनोवेशन जैसे मंचों के जरिए वी स्पार्क डीपटेक वेंचर्स ऐसी डीप-टेक कंपनियों को मौका दे रहा है जहाँ वे वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर काम कर सकें और अपने समाधानों को साबित और विकसित कर सकें।
वी-स्र्पाक डीपटेक वेंचर्स मैन्यूफैक्चरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाली तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स की पहचान और उनके साथ साझेदारी करके औद्योगिक नवाचार को लगातार मजबूत कर रहा है।
कार्यक्रम में हिंदुस्तान जिंक ने अपनी डिजिटल माइनिंग क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसमें रिमोट से चलने वाली मशीनें और वर्चुअल रियलिटी के जरिए काम करने के आधुनिक तरीके दिखाए गए। वर्तमान में, हिंदुस्तान जिंक वीस्पार्क के माध्यम से 50 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ 100 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है, जो उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद कर रहे हैं।
