2,500 से अधिक किसानों और 1,000 आगंतुकों की भागीदारी से जमीनी उद्यमों को मिला सीधा बाज़ार, बढ़ी दृश्यता और मजबूत हुई ग्रामीण आजीविका अवसरों की पहुंच।
नई दिल्ली | किसान कुंभ 2026 का सफल आयोजन 30 और 31 मार्च को आईआईटी दिल्ली के डोगरा हॉल में किया गया, जिसमें कृषि पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ 2500 से अधिक किसान शामिल हुए। एम3एम फाउंडेशन (M3M Foundation) ने अपने लाभार्थियों के लिए आम जनता से सीधे जुड़ने और अपने उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान किया।
एम3एम फाउंडेशन के स्टॉल्स में लद्दाख, स्पीति और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े उद्यमों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें स्पीति और नुब्रा वैली की टीमों की सक्रिय भागीदारी रही, साथ ही सर्वोदय उत्पाद भी शामिल थे। इससे लाभार्थियों को अपने उत्पादों जैसे कोल्ड-प्रेस्ड सरसों तेल, हाथ से पिसे मसाले, सी-बकथॉर्न जूस, पल्प, बेरीज़, भुना हुआ जौ, याक ऊन से बने उत्पादों को प्रदर्शित, विपणन और बिक्री करने का अवसर मिला।
इन उत्पादों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता के लिए आगंतुकों द्वारा व्यापक सराहना की गई। स्टॉल्स पर 2,500 से अधिक आगंतुक पहुंचे, जिससे जमीनी स्तर के उत्पादकों को महत्वपूर्ण प्रदर्शन और प्रत्यक्ष बाज़ार तक पहुंच मिली।
इस सहभागिता के परिणामस्वरूप बाज़ार से जुड़ाव मजबूत हुआ, ग्रामीण उद्यमों की दृश्यता बढ़ी और ग्राहकों के साथ सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच की दूरी को कम करने में ऐसे मंचों के महत्व को और बल मिला।
एक गौरवपूर्ण क्षण में, एम3एम फाउंडेशन की मंच पर हरियाणा के माननीय कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा द्वारा सराहना की गई, जहां मिज़ोरम के माननीय राज्यपाल जनरल वी. के. सिंह भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

डॉ. ऐश्वर्या महाजन, मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट, एम3एम फाउंडेशन ने कहा,
“एम3एम फाउंडेशन वर्तमान में 8 राज्यों में 10,000 से अधिक किसानों के साथ कार्य कर रहा है, जिसमें लद्दाख और स्पीति जैसे दूरस्थ क्षेत्र भी शामिल हैं। नुब्रा वैली जैसे क्षेत्रों में हमने खाद्य प्रसंस्करण प्रणालियों को सक्षम बनाया है, जिससे किसान केवल खेती तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन में भी संलग्न हो रहे हैं। 5,000 से अधिक महिला किसान खेती और प्रसंस्करण दोनों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिल रही है।”
फाउंडेशन की पहलें विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में बाज़ार तक पहुंच सुनिश्चित करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने और महिला-नेतृत्व वाले कृषि उद्यमों को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं।
डॉ. पायल कनोड़िया, चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी, एम3एम फाउंडेशन ने कहा,
“एम3एम फाउंडेशन में हमारा दृष्टिकोण किसानों, विशेषकर महिलाओं के साथ मिलकर कार्य करना और कृषि में उनकी निर्णय लेने की भूमिका को मजबूत करना है। हम उन्हें केवल खेती में ही नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन, बाज़ार तक पहुंच और सतत कृषि पद्धतियों में भी सहयोग दे रहे हैं, ताकि खेती अधिक सुदृढ़ और लाभकारी बन सके। किसान कुंभ जैसे मंच उनके प्रयासों को व्यापक बाज़ारों और अवसरों से जोड़कर उन्हें और सशक्त बनाते हैं।”
किसान कुंभ 2026 में एम3एम फाउंडेशन की भागीदारी, जमीनी स्तर के उद्यमों को सशक्त बनाने और पूरे भारत में किसानों के लिए सार्थक, बाज़ार-आधारित अवसर सृजित करने की इसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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