चेन्नई। विश्व का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड जिंक और शीर्ष पाँच सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने 12 से 14 मार्च तक चेन्नई में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल रेल कोच एक्सपो 2026 में दर्शाया कि जिंक बेस्ड सॉल्यूशन रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को किस प्रकार मजबूत कर सकते हैं और लाइफसाइकल मजबूती को बढ़ा सकते हैं।
भारत का रेलवे नेटवर्क एक लाख किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर फैला है और हर साल अरबों यात्रियों द्वारा सफर किया जाता है। इस बड़े सिस्टम का अधिकततर हिस्सा स्टील के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है,जिसमें ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन मास्ट और पुल से लेकर सिग्नल पोस्ट और स्टेशन स्ट्रक्चर तक शामिल हैं। हालांकि, भारत की लंबी कोस्टलाइन, अधिक नमी, मानसून की स्थिति और इंडस्ट्रियल प्रदूषण स्टील को जंग लगने का खास तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे स्ट्रक्चरल मजबूती पर असर पड़ सकता है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है।
जिंक गैल्वनाइजेशन, जिसमें स्टील पर एक प्रोटेक्टिव जिंक लेयर की कोटिंग की जाती है इस चुनौती से निपटने के लिए एक भरोसेमंद ग्लोबल सॉल्यूशन के तौर पर सामने आया है। जिंक कोटिंग एक फिजिकल बैरियर और एक सैक्रिफिशियल लेयर दोनों का काम करती है, जिससे स्टील स्ट्रक्चर की उम्र काफी बढ़ जाती है और मेंटेनेंस की जरूरतें कम हो जाती हैं।
जापान और यूरोप के हाई.स्पीड सिस्टम सहित दुनिया भर के बड़े रेल नेटवर्क मेंए जिंक़ कोटेड स्टील का उपयोग जरूरी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा, मजबूती और भरोसे को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं होल टाइम डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने कहा इस बारे में कहा कि, भारत में रेलवे नेटवर्क अपने इतिहास में सबसे अधिक बदलाव लाने वाले नेटवर्क में से एक है। जैसे.जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा और मॉडर्न हुआ है मजबूती और लाइफसाइकल भी बहुत जरूरी हो गए हैं। जिंक.बेस्ड प्रोटेक्शन स्टील इंफ्रास्ट्रक्चर को जंग लगने से बचाने में मदद करता है ताकि सेफ्टी बनी रहे, नुकसान को रोका जा सके और रेल एसेट्स के लिए लंबे समय तक स्टेबिलिटी बनी रहे, जो भारत के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के पिलर्स बनाने के विजन के अनुरूप है।
आईआरसीई 2026 में हिंदुस्तान जिंक के पवेलियन में ट्रेन जैसा इंस्टॉलेशन है, जो विजिटर्स को एक ऐसा इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है जिसमें दर्शाया गया है कि जिंक किस प्रकार से मॉडर्न रेलवे सिस्टम की रीढ़ को मजबूत करता है। पवेलियन गैल्वेनाइज्ड स्टीलए जंग से बचाने वाले सिस्टम और जरूरी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट्स में जिंक के उपयोग को दिखाता है। खास आकर्षणों में से एक सेंसर.एक्टिवेटेड इंटरैक्टिव फ्लोर है, जहाँ आने वाले दर्शक तय जोन पर छोटी डिजिटल कहानियाँ सुन सकते हैं। ये कहानियाँ बताती हैं कि कैसे जिंक बेस्ड प्रोटेक्शन रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में स्ट्रक्चरल सपोर्ट और इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम से लेकर सेफ्टी बैरियर और स्टेशन स्ट्रक्चर तक मजबूती बढ़ाता है, जिससे आखिर में मेंटेनेंस की जरूरत कम होती है और ऑपरेशनल रिलायबिलिटी बेहतर होती है।
हिंदुस्तान जिंक के पोर्टफोलियो में लंदन मेटल एक्सचेंज रजिस्टर्ड प्रोडक्ट शामिल हैं, जैसे स्पेशल हाई.ग्रेड जिंक, हाई ग्रेड जिंक, इकोजेन, लोकार्बन ग्रीन जिंक, प्राइम वेस्टर्न जिंक कंटीन्यूअस गैल्वनाइजिंग ग्रेड जिंक, हाईग्रेड जंबो जिंक और डाई कास्टिंग एलॉय, एलॉय 3 और एलॉय 5, साथ ही स्पेशल हाईग्रेड लेड। पूरी तरह से इंटीग्रेटेड माइनटूमेटल उत्पादक कंपनी एक भरोसेमंद सप्लाई चेन और ग्लोबल मार्केट में बिना रुकावट डिलीवरी सुनिश्चित करती है।
40 से अधिक देशों में कस्टमर्स को सर्विस देते हुए हिंदुस्तान जिंक कस्टमर फोकस्ड इनोवेशन को सर्टिफाइड क्वालिटी के साथ जोड़ता है। यह भारत का पहला जिंक प्रोड्यूसर है जिसे यूरोप में एक्सपोर्ट के लिए एनवायर्नमेंटल प्रोडक्ट डिक्लेरेशन, वेरिफिकेशन बीआईएस सर्टिफिकेशन और आरईएसीएच कम्प्लायंस मिला है।
मटीरियल और करोजन प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी में लगातार इनोवेशन के माध्यम से हिंदुस्तान जिंक का उद्धेश्य अधिक सस्टेनेबल और भविष्य के लिए तैयार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास मे सहायता करना है जो भारत के बढ़ते रेल नेटवर्क की लंबे समय तक चलने वाली मजबूती में योगदान दे।
