उदयपुर। भारत की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) ने अपने परिचालन में डिटेक्ट एआई, एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित कैमरा निगरानी प्रणाली लागू की है। यह अभिनव समाधान कार्यस्थल सुरक्षा, परिचालन दक्षता और अनुपालन निगरानी सुनिश्चित करता है। एडवांस्ड एआई संचालित प्रणाली का लाभ उठा मैनुअल हस्तक्षेप को समाप्त कर हिन्दुस्तान जिंक कार्यस्थल सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ा रहा है।
यह अत्याधुनिक कंप्यूटर विजन और मशीन लर्निंग-आधारित सुरक्षा निगरानी प्रणाली मौजूदा आईओटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स सक्षम निगरानी बुनियादी ढांचे के साथ सहजता से एकीकृत होती है, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हो जाती है। वास्तविक समय की छवि और वीडियो विश्लेषण, डीप लर्निंग मॉडल और एज कंप्यूटिंग का उपयोग करते हुए, यह स्वायत्त रूप से असुरक्षित औद्योगिक संचालन जैसे कि सुरक्षात्मक उपकरण दिशानिर्देशों का पालन न करना, अनधिकृत कर्मियों की पहुँच और ऊँचाई पर काम करने के प्रोटोकॉल का पता लगाता है। सिस्टम इन गैर-अनुपालनों को पूर्वानुमानित विश्लेषण का उपयोग करके वर्गीकृत करता है और क्लाउड-आधारित एआई अनुमान इंजन के माध्यम से स्वचालित अलर्ट ट्रिगर करता है जिससे व्यापक डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि उत्पन्न होती है। सहज एपीआई एकीकरण, वास्तविक समय केपीआई ट्रैकिंग और बुद्धिमान स्वचालन के साथ, डिटेक्ट एआई घटनाओं को कम कर, अनुपालन को बढ़ाकर और सक्रिय जोखिम शमन को सक्षम करके औद्योगिक सुरक्षा को बदल देता है।
हिन्दुस्तान जिंक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), कंप्यूटर विजन, ड्रोन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ऑगमेंटेड रियलिटी/वर्चुअल रियलिटी (एआर/वीआर) जैसी तकनीकों का लाभ उठाकर उच्च-संभावित अवसरों को अनलॉक किया है। ये परियोजनाएँ प्रक्रिया अनुकूलन, धातु रिकवरी, परिसंपत्ति विश्वसनीयता, उत्पादकता और सस्टेनेबिलिटी सहित विविध क्षेत्रों को तय करती हैं। रामपुरा आगुचा, सिंदेसर खुर्द, राजपुरा दरीबा, जावर और कायड़ सहित खनन स्थलों में इस अत्याधुनिक तकनीक को एकीकृत कर, हिन्दुस्तान जिंक ने परिचालन दक्षता को 20-30 प्रतिशत तक बढ़ाया है, जबकि मैन्युअल हस्तक्षेप की आवश्यकता को लगभग 50 प्रतिशत तक कम किया है।
मेन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में एआई की भूमिका पर बल देते हुए, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, हिन्दुस्तान जिंक में, हमने सतत और जिम्मेदार विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए अपने संचालन में तकनीकी उत्कृष्टता और स्वचालन को शामिल किया है। हमारा लक्ष्य मैनुअल हस्तक्षेप को खत्म करना और एआई, एमएल, आईआईओटी, कंप्यूटर विजन जैसी उन्नत तकनीकों के साथ अपनी प्रक्रियाओं को स्वचालित करना है। इस तकनीक का कार्यान्वयन हमें उद्योग जगत में आगे रखता है, इस तरह के अभिनव समाधानों को एकीकृत करने और हमारी प्रक्रियाओं को बढ़ाने में हमारी स्फूर्ति को फिर से परिभाषित करता है।
हिन्दुस्तान जिंक सुरक्षा, दक्षता और स्थिरता को बढ़ाने वाली उन्नत तकनीकों का उपयोग कर मेटल्स और सेक्टर में नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। कंपनी ने अपनी तरह का पहला डिजिटल सहयोग केंद्र स्थापित किया है जो सभी व्यावसायिक इकाइयों के डेटा का विश्लेषण करता है और मजबूत निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करता है। यह एआई संचालित कंप्यूटर विजन समाधान कंपनी के अपने संचालन में डिजिटल परिवर्तन को लागू करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी नवीन स्टार्टअप के साथ सहयोग कर रही है, जो उपकरणों की निगरानी करने और प्रदर्शन और उत्पादकता को अनुकूलित करने के लिए कार्रवाई योग्य जानकारी प्रदान करने के लिए एआई संचालित एडवांस्ड एनालिटिक्स, आईओटी सेंसर, मशीन लर्निंग और रियल-टाइम औद्योगिक डायग्नोस्टिक्स जैसी नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
वेदांता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड विश्व की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक है हिन्दुस्तान जिंक को एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2024 द्वारा लगातार दूसरे वर्ष मेटल और माइनिंग श्रेणी में दुनिया की सबसे सस्टेनेबल कंपनी के रूप में मान्यता दी गई है। हिन्दुस्तान जिंक 2.41 गुना वाटर-पॉजिटिव प्रमाणित कंपनी भी है। मेटल और माइनिंग उद्योग में अग्रणी कंपनी के रूप में, हिन्दुस्तान जिंक सस्टेनेबल भविष्य के लिए ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण धातुएं प्रदान कर रहा है।
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