छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा नालंदा परिसर रायगढ़ शहर को एजुकेशन हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगी.
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा ज्ञान आधारित समाज निर्माण में नालंदा परिसर की होगी अहम भूमिका
सर्व सुविधायुक्त होगी नालंदा परिसर लाइब्रेरी, 24/7 स्टडी जोन में एक साथ पढ़ सकेंगे 500 से अधिक बच्चे, हजारों किताबों का होगा संग्रह
रायपुर (इंडिया सीएसआर ). छत्तीसगढ़ वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी की उपस्थिति में रायगढ़ में नालंदा परिसर के निर्माण के लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी के बीच 42.56 करोड़ के मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया गया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह नालंदा परिसर हमारी नयी पीढ़ी के विकास और रायगढ़ को एजुकेशन हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
लाइब्रेरी में होगी यह सुविधाएँ
नालंदा परिसर लाइब्रेरी 24/7 स्टडी जोन होगा। जहां 500 से अधिक बच्चे एक साथ पढ़ सकें यह सुविधा होगी। 25 हजार किताबों के संग्रह के साथ अंतराष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। तीन कॉन्फ्रेंस हाल के साथ कैफेटेरिया भी होगा। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहाँ होगी।
करियर गाइडेंस सेमिनार का आयोजन होगा। 100 से अधिक कंप्यूटर के साथ इंटरनेट के लिए वाईफाई की सुविधा भी छात्रों को यहाँ मिलेगी। 5 वीं के बाद बच्चों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए तैयारी हेतु एक किड्स स्टडी जोन भी अलग से तैयार होगा। जहाँ उनके सिलेबस के अनुसार किताबें और स्टडी मटेरियल उपलब्ध रहेगा।
वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना हम सबका सपना है, जिसमें आने वाली पीढ़ी का सक्रिय योगदान होगा और नालंदा परिसर इसके लिए मजबूत बुनियाद तैयार करने का कार्य करेगा। एनटीपीसी के सहयोग से नालंदा परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर की स्वीकृति दी जा चुकी है।
ज्ञान आधारित समाज के निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि आने वाला समय ज्ञान पर आधारित होगा। 1991 में भारत 266 बिलियन डॉलर से आज 2024 में 3 हजार 700 बिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनी है, आगे इसका आकार और तेजी से बढ़ेगा। अर्थव्यवस्था के मजबूत होने से देश में सभी वर्गों को इसका लाभ मिलता है, लेकिन जो समय के साथ ज्ञान अर्जन कर खुद को तैयार करते हैं, उन्हें इसका अधिक लाभ मिलता है।
श्री चौधरी ने कहा कि रायपुर में जब से नालन्दा परिसर बना तब से वहाँ पूरे शहर के छात्र-छात्राएँ वहाँ पढ़ने आते हैं। जिसमें से कई यूपीएससी और स्टेट पीएससी में मेंस और इंटरव्यू तक पहुँचे होते हैं। दूसरी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी आते हैं, जिससे लाइब्रेरी में शिक्षा के लिए अच्छा इको सिस्टम तैयार होता है।
यह ज्ञान आधारित समाज के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 22 नालंदा परिसर निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
ऐसे आया नालंदा परिसर बनाने का विचार
मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जब वे 12 वीं पास कर के आगे की पढ़ाई के लिए भिलाई गया तो वहां मेडिकल और इंजीनियरिंग आईआईटी की तैयारी के लिए बहुत अच्छा माहौल था लेकिन सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कोई माहौल नहीं था। वहां के बड़े बुक स्टोर्स में भी सिविल सर्विस के किताबों की किल्लत होती थी। गिनती की पुस्तकें मिलती थी।
यहाँ तक की रायपुर में भी ढंग की बुक्स नहीं मिल पाती थी, फिर किताबें ढूंढने दिल्ली गया। वहाँ एक ही बुक डिपो में सारी किताबें मिल गई। जिससे एहसास हुआ कि यह एक बड़ा अंतर है कि सही किताबें और सही माहौल नहीं मिलने से हमारे प्रदेश में लोग सिविल सर्विस में सलेक्ट नहीं हो पाते हैं।
इसके लिए जब वे कलेक्टर बने तो रायपुर में नालंदा परिसर की सोच को साकार किया। जिसका लाभ उठाकर आज सैकड़ों युवा सफलता के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
नवोदय में मिली असफलता से दूसरों के लिए बेहतर करने की सीख मिली
वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मैं नवोदय की प्रतियोगी परीक्षा में चयनित नहीं हो पाया था। उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाया तो तैयारी सही नहीं थी। आगे जब इस बारे में सोचा तो मेरा लगा कि जीवन में जिस कठिनाई का सामना किए हैं सक्षम होने पर उसका समाधान दूसरों के लिए खोजना चाहिए।
दंतेवाड़ा में नन्हे परिंदें प्रोजेक्ट शुरू किया। यहाँ दूर दराज के बेहद गरीब परिवार और नक्सल प्रभावित परिवारों से बच्चे को सलेक्ट कर लाते थे। उनकी 5 वीं की तैयारी कर नवोदय और सैनिक स्कूल की तैयारी करवाया जाता था। आज कई बच्चे वहां से पढ़कर अपने जीवन में काफी अच्छा कर रहे हैं।
(इंडिया सीएसआर हिंदी)
Also Read
Raigarh to Get a Grand Library and Study Center Under NTPC Lara CSR Initiative I India CSR
📢 Partner with India CSR
Are you looking to publish high-quality blogs or insert relevant backlinks on a leading CSR and sustainability platform? India CSR welcomes business and corporate partnership proposals for guest posting, sponsored content, and contextual link insertions in existing or new articles. Reach our highly engaged audience of business leaders, CSR professionals, NGOs, and policy influencers.
📩 Contact us at: biz@indiacsr.in
🌐 Visit: www.indiacsr.in
Let’s collaborate to amplify your brand’s impact in the CSR and ESG ecosystem.