कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी (सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने 5 एंटिटी पर कुल 25 लाख रुपए का जुर्माना ठोका है। सेबी SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने इन लोगों पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इललिक्विड स्टॉक ऑप्शन्स (illiquid stock options) सेगमेंट में अनुचित ट्रेड्स करने के मामले में ये जुर्माना ठोका है। जिन लोगों पर सेबी ने कुल 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है, उसमें Chitrabai Vasantrao Nikam, Damayanti Jhunjhunwala, Nemichand Kasturchand Jain, Naresh Kumar Agarwal और CLSG (Chandra Lakshmi Safety Glass Ltd) शामिल है। बता दें कि सेबी ने इन लोगों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
अप्रैल 2014-सितंबर 2015 के बीच की जांच
सेबी ने BSE पर इललिक्विड स्टॉक ऑप्शन्स में बड़े स्तर पर रिवर्सल ट्रेड्स की जांच की, जिससे एक्सचेंज में आर्टिफिशियल वॉल्यूम्स को बढ़ावा मिला। अप्रैल 2014 से लेकर सितंबर 2015 तक रेगुलेटर ने इस सेगमेंट से जुड़े कुछ निश्चित एंटिटी के ट्रेडिंग एक्टिविटीज की जांच की।
इन 5 लोगों ने इस नियम का किया उल्लंघन
सेबी ने पाया कि ये 5 लोग वो शख्स हैं, जो इस रिवर्सल ट्रेड्स में शामिल थे, इसलिए सेबी ने इन पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बता दें कि रिवर्सल ट्रेड्स का नेचर कथित तौर पर अनुचित होता है क्योंकि ये ट्रेडिंग के नॉर्मल कोर्स में एग्जीक्यूट किए जाते हैं। रेगुलेटर ने बताया कि आर्टिफिशियल वॉल्यूम में ट्रेडिंग के दौरान ये गलत और भ्रामक उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
सेबी ने अपने आदेश में बताया कि इस तरह की एक्टिविटी से इन 5 लोगों ने PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) नियमों का उल्लंघन किया है।
सेबी ने इस कंपनी पर लगाया बैन
इसके अलावा एक दूसरे आदेश में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने Uday Intellicall Pvt Ltd और इसके डायरेक्टर्स को सिक्योरिटी मार्केट से 6 महीने के लिए बैन कर दिया है। सेबी ने कहा कि ये कंपनी अनाधिकृत निवेश सलाह दे रही थी, जिसके बाद सेबी ने एक्शन लेते हुए इस कंपनी और इसके डायरेक्टर्स पर बैन लगा दिया है।
अनाधिकृत निवेश सलाह देती थी कंपनी
सेबी ने ये भी कहा कि अगले 3 महीने में निवेशकों के पैसे या तो मिलकर या फिर अलग-अलग करके लौटा दिए जाएं। बता दें कि रजत सर्राफ और कल्पना जैन इस कंपनी के डायरेक्टर्स थे। सेबी के मुताबिक, Uday Intellicall इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सर्विस दिया करती है और कंपनी के पास अनिवार्य सर्टिफिकेट नहीं थे. सेबी ने बताया कि ये कंपनी सेबी के साथ रजिस्टर्ड नहीं थी।
सेबी ने ये भी बताया कि सर्राफ और जैन कंपनी के डायरेक्टर्स होने के साथ-साथ कंपनी के शेयरहोल्डर्स भी थे। ये दोनों लोग कंपनी की ओर से दिए जाने वाली सलाह का लाभ उठाकर पैसा बनाते थे, जो कि Investment Advisers (IA) नियमों का उल्लंघन है। सेबी ने कहा कि मार्च 2018 से लेकर अबतक कंपनी ने अनाधिकृत इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी के जरिए 1.06 करोड़ रुपए जमा किए थे।