पटवारी-अफसर की सांठगांठ से जमीन अधिग्रहण में बड़ा फर्जीवाड़ा, किसान की याचिका पर एक्शन शुरू
रायगढ़, 17 अप्रैल 2025 (India CSR): छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले Raigarh District में भूमि अधिग्रहण के नाम पर एक बड़ा घोटाला (Scam) सामने आया है। NTPC की लारा प्लांट Lara Power Plant से तलाईपाली कोयला खदान Tilaipali Coal Mines तक रेल लाइन परियोजना Rail Line Project में अधिकारियों और पटवारियों की मिलीभगत से जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में व्यापक गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मामला तब उजागर हुआ, जब किसान साधराम राठिया को घोषित मुआवजे की आधी राशि भी नहीं मिली और उन्हें हाईकोर्ट High Court की शरण लेनी पड़ी।
किसान साधराम का मामला: घोषित मुआवजे से 26 लाख कम भुगतान
मामला रायगढ़ तहसील के रेगड़ा गांव का है। यहां NTPC की रेल लाइन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी। गांव निवासी साधराम राठिया, पिता ननकू राठिया की दो अलग-अलग जमीनें (खनं 241/2 रकबा 1.619 हेक्टेयर और खनं 180/4 रकबा 0.405 हेक्टेयर) अधिग्रहण के दायरे में आई थीं।
17 मई 2017 को एसडीएम रायगढ़ ने साधराम की खनं 241/2 की जमीन में से 0.405 हेक्टेयर जमीन प्रभावित दर्शाते हुए Rs. 56,20,730 के मुआवजे का अवार्ड पारित किया। लेकिन किसान को इस राशि में से सिर्फ Rs. 29,51,235 का ही भुगतान किया गया, और Rs. 26,69,495 की शेष राशि का भुगतान रोक दिया गया।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, जांच के सख्त निर्देश जारी
जब कई आवेदन के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान साधराम राठिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 24 जनवरी 2025 को स्पष्ट आदेश जारी किए और किसान को फिर से नए सिरे से आवेदन देने का निर्देश दिया। न्यायालय ने आदेश दिया कि नए आवेदन के 45 दिन के भीतर संबंधित अधिकारी विस्तृत जांच कर निराकरण करें।
एसडीएम और तहसीलदार हरकत में आए, जांच टीम गठित
हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में, किसान ने 21 फरवरी 2025 को एसडीएम रायगढ़ के समक्ष नए सिरे से आवेदन किया। इसके बाद एसडीएम ने 27 मार्च 2025 को तहसीलदार रायगढ़ को पत्र लिखकर मामले में तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी। तहसीलदार ने 3 अप्रैल 2025 को इस मामले में जांच के लिए एक टीम गठित की है, जिसमें राजस्व निरीक्षक (आरआई) नंदराम पटेल और पटवारी रंगलाल से निराला एवं अभिषेक साहू शामिल हैं।
NTPC रेल परियोजना के सर्वे में भारी गड़बड़ी का आरोप
इस भू-अर्जन मामले में NTPC की रेल परियोजना Rail Project के एलाइनमेंट और जमीन सर्वे में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। आरोप है कि अधिकारियों और पटवारियों ने मिलकर सर्वे के दौरान प्रभावित जमीन का रकबा जानबूझकर कई गुना बढ़ाकर दिखाया। कुछ मामलों में जहां सिर्फ 10 डिसमिल जमीन प्रभावित थी, वहां 50 डिसमिल तक प्रभावित क्षेत्रफल दिखाया गया। कुछ किसानों को तय सीमा से बहुत ज्यादा तो कुछ को बहुत कम मुआवजा मिला है।
NTPC कंपनी ने शुरुआत में इन विसंगतियों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब किसान और स्थानीय समुदाय प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। जांच टीम से 45 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। माना जा रहा है कि यह मामला जिले के भू-अर्जन की प्रक्रिया में चल रही बड़ी अनियमितताओं को उजागर कर सकता है।
(India CSR)










