मिशन ओलंपिक के तहत देशभर से 550 से अधिक युवा पहलवानों ने लिया हिस्सा
रोहतक, हरियाणा | देश में कुश्ती की समृद्ध अखाड़ा परंपरा को सशक्त करने और भविष्य के ओलंपिक चैंपियनों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए M3M फाउंडेशन ने योगेश्वर दत्त रेसलिंग अकादमी के सहयोग से 15–16 मार्च 2026 को रोहतक में “M3M फाउंडेशन गोल्ड कप – अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती महासंग्राम” का सफल आयोजन किया।
“मिट्टी से ओलंपिक मेडल तक” की प्रेरणादायी थीम पर आधारित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 550 से अधिक अंडर-20 पहलवानों ने भाग लिया, जिनमें 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल रहे। प्रतियोगिता में 8 से अधिक राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो 50 से अधिक अखाड़ों और कुश्ती अकादमियों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस आयोजन ने उभरती हुई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता और कौशल प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त द्वारा स्थापित योगेश्वर दत्त रेसलिंग अकादमी में आयोजित इस दो दिवसीय चैंपियनशिप ने देश की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और आधुनिक खेल प्रशिक्षण के समन्वय को उजागर किया। इस अवसर पर योगेश्वर दत्त ने कहा कि भारत की असली ताकत गांवों की मिट्टी और अखाड़ों की परंपरा में बसती है, और जब युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलते हैं तो वही प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान M3M फाउंडेशन के सहयोग से योगेश्वर दत्त स्पोर्ट्स अकादमी में गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन भी किया गया। यह पहल खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिक से अधिक युवा महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित एवं बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न वर्गों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। चैंपियनशिप में अंडर-20 (बालक) तथा अंडर-23 (बालिका) वर्गों के साथ-साथ ओपन वेट कैटेगरी में भी मुकाबले आयोजित किए गए।
अंडर-20 (बालक) वर्ग में 50 किग्रा, 57 किग्रा, 65 किग्रा, 74 किग्रा, 85 किग्रा और 92 किग्रा भार वर्गों में प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि अंडर-23 (बालिका) वर्ग में 50 किग्रा, 55 किग्रा, 60 किग्रा और +65 किग्रा भार वर्गों में मुकाबले आयोजित किए गए। इन सभी श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
विभिन्न भार वर्गों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान कर उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल उत्कृष्टता का सम्मान किया गया।
इस आयोजन में खेल जगत और सार्वजनिक जीवन की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें M3M फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी तथा अंतरराष्ट्रीय केटलबेल लिफ्टिंग विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता डॉ. पायल कनोड़िया, पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, ओलंपिक रजत पदक विजेता पहलवान रवि दहिया, भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष श्री संजय सिंह तथा प्रसिद्ध कुश्ती कोच महाबली सतपाल शामिल रहे।
इस अवसर पर M3M फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोड़िया ने कहा,
“एक खिलाड़ी होने के नाते मैं समझती हूँ कि प्रतिस्पर्धी खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए कितनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। M3M फाउंडेशन का विश्वास है कि भारत के भविष्य के ओलंपिक चैंपियन हमारे गांवों और अखाड़ों से ही उभरेंगे। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर मिलता है।”
वहीं श्री बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देश में कुश्ती की गौरवशाली परंपरा रही है और आज भी गांवों के अखाड़ों से ही भविष्य के चैंपियन तैयार होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रतिस्पर्धा का सशक्त मंच प्रदान करती हैं और उन्हें ओलंपिक जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए तैयार करती हैं।
यह आयोजन M3M फाउंडेशन के ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से खेल, दृश्य कला और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर, मार्गदर्शन और मंच प्रदान किया जाता है।
M3M फाउंडेशन का मानना है कि जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना ही भारत को भविष्य में अधिक ओलंपिक पदक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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