उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने जावर माइंस मजदूर संघ के सहयोग से राजस्थान के जावर स्थित एमकेएम स्टेडियम में 46वें मोहन कुमार मंगलम फुटबॉल टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन हुआ। टूर्नामेंट के फाइनल के रोमाचंक मुकाबले में, विजेता टीम केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, केरल ने दून स्टार फुटबॉल क्लब, देहरादून से कड़े मुकाबले के बाद 1-0 से जीत हासिल कर चैंपियनशिप का खिताब जीतकर फुटबॉल प्रशंसकों से जोरदार तालियाँ बटोरीं।
24 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 12 प्रतिस्पर्धी टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें खेल उत्कृष्टता, टीम वर्क और निष्पक्ष खेल की भावना का उत्सव मनाया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व भारतीय फुटबॉलर विक्टर अमलराज, ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी रोशन बडियाल, उपखण्ड अधिकारी आकांक्षा दुबे, आईबीयू सीईओ जावर ग्रुप ऑफ माइंस अंशुल कुमार खंडेलवाल, हिंदुस्तान जिंक वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष यू.एम. शंकर दास, सचिव पुनीत बोरडिया, कोऑर्डिनेटर परवेज पठान, आयोजन समिति के सेक्रेटरी लालू राम मीणा, नागा राम खराड़ी, सुब्रतो दास, सीटी प्रेमनाथ, जिंक स्मेल्टर मजदूर संघ देबारी के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश श्रीमाल, आरएफए सेक्रेटरी दिलीप सिंह एवं डीएफए सेक्रेटरी शकील अहमद भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अमलराज ने कहा कि, “एमकेएम टूर्नामेंट में एक अनोखी ऊर्जा है जो सामुदायिक गौरव और खेल के प्रति प्रेम में निहित है जो हमें याद दिलाती है कि बुनियादी स्तर का फुटबॉल क्यों मायने रखता है। हिंदुस्तान जिंक द्वारा दिखाई गई प्रतिबद्धता जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को एक मजबूत आधार बना कर खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए यादगार अनुभव बना रही है।”

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, “एमकेएम टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल इवेंट से कहीं अधिक है, यह कम्युनिटी की भावना, टैलेंट और परंपरा का उत्सव है। हर साल, हम पूरे देश से खिलाडियों को जुनून और ईमानदारी के साथ मुकाबला करते हुए देखते हैं, जो हमें खेल की एकजुट करने वाली शक्ति की याद दिलाता है। हिंदुस्तान जिंक ऐसे मंचो को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो युवाओं को प्रेरित करते हैं, स्थानीय जुड़ाव को मजबूत करते हैं, और जावर और उसके बाहर एक जीवंत खेल संस्कृति में योगदान करते हैं।”
इस वर्ष टूर्नामेंट में 12 टीमों ने हिस्सा लिया जिसमें हिंदुस्तान जिंक ईलेवन, कश्मीर यूनाइटेड एफसी जेएण्डके, राम मोहम्मद सिंह आजाद एफसी (पंजाब), सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (दिल्ली), बीएसएफ (पश्चिम बंगाल), आरटी बॉयज एफसी (हैदराबाद), इनकम टैक्स एफसी (अहमदाबाद), दून स्टार एफसी (देहरादून), डीएफए उदयपुर (राजस्थान), राजस्थान पुलिस, अहीर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब (नीमच), और केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (केरल) शामिल थी।
जावर राजस्थान की फुटबॉल विरासत का एक मुख्य केंद्र बना हुआ है, और हिंदुस्तान जिंक पेशेवर कोचिंग, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं पर मजबूत फोकस के साथ प्रतिभावान खिलाड़ियों को विकसित कर इस विरासत को बनाए रखे हुए है। कंपनी ने हाल ही में भारत की पहली ऑल-गर्ल्स रेजिडेंशियल फुटबॉल अकादमी भी शुरू की है, जिससे बालिकाओं के लिए पहुंच बढ़ी है और एक अधिक समावेशी खेल इकोसिस्टम बन रहा है। फुटबॉल के अलावा, हिंदुस्तान जिंक, जो दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक और वेदांता ग्रुप की कंपनी है, जिंक सिटी, उदयपुर में समग्र सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ावा देती है। एमएकेएम टूर्नामेंट के साथ ही कंपनी वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल जैसी प्रमुख पहलों का सहयोग करने में अग्रणी है, जो विश्व के संगीतकारों और दर्शकों को आकर्षित करता है। वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन, एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो ग्रामीण कुपोषण जैसे कारणों को संबोधित करते हुए फिटनेस को बढ़ावा देता है। साथ मिलकर, ये पहल स्वस्थ, महत्वाकांक्षी समुदायों को मजबूत करती हैं और जिंक सिटी, उदयपुर को टैलेंट, संस्कृति और खेलों के लिए एक बढ़ते केंद्र के रूप में स्थापित करती हैं।










